न्यायालय विशेष न्यायाधीश श्रीमान शहाबुद्दीन कुरैशी ने आरोपी अकील साय पहाड़ी कोरवा को सुनाई आजीवन कारावास की सजा जिसका अभिप्राय उसके शेष प्राकृतिक जीवन काल तक की होगी ।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना धरम जयगढ़ के अपराध क्रमांक 257/2021 के अनुसार नाबालिग पीड़ित के पिता ने आरोपी अकिल साय कोरवा के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराया था कि घटना दिनांक 14/12/2021 की शाम उसकी पुत्री पीड़ित अपनी सहेली के साथ गांव में शादी घर जा रही थी,जिसे
आरोपी रास्ते से जबरन खींच कर जंगल में ले गया और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया।
पीड़ित की सहेली ने उसके घर जाकर घटना की सूचना पीड़ित के पिता को दी। सूचना पाकर पीड़ित की तलाश की गई पर वह नहीं मिली, कुछ देर बाद पीड़ित घर वापस आ गई और उसने अपने पिता को घटना की जानकारी दी उस समय पीड़ित की स्थिति अत्यंत खराब थी और उसके शरीर से खून बह रहा था।जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पीड़ित के पिता की सूचना के आधार पर थाना प्रभारी धरमजयगढ़ ने आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की तथा सभी साक्ष्यों को संकलित कर विवेचना पूर्ण होने पर आरोपी के विरुद्ध धारा 376 भारतीय दण्ड संहिता एवं धारा 4, 6 पाक्सो एक्ट के तहत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया था।
विशेष न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी साक्षियों के कथन दर्ज कराए तथा उभय पक्ष के तर्क श्रवण करने के पश्चात आरोपी अकिल साय कोरवा को उपरोक्त धाराओं का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा 5000 रू के अर्थ दण्ड से दण्डित किया।
उल्लेखनीय है कि माननीय न्यायालय ने मामले के पीड़ित को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से 700000/रू दिलाए जाने की अनुशंसा की है।
मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्रीमती अर्चना मिश्रा ने प्रभावी ढंग से पैरवी की।
