डीजल संकट से रायगढ़ के उद्योगों का उत्पादन लगभग ठप्प, कोयला परिवहन हो रहा प्रभावित, कलेक्टर ने दी पेट्रोल पंप संचालकों को चेतावनी

by Kakajee News

रायगढ़। जिले में इन दिनों डीजल की भारी कमी ने औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। डीजल नहीं मिलने के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे कोयला सहित अन्य आवश्यक कच्चा माल कंपनियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस संबंध में जिले के कई ऐसे उद्योग हैं जिसमें कोयला आपूर्ति ठप्प सी हो गई है और आपूर्ति ठप्प होनें से उत्पादन न केवल प्रभावित हुआ है बल्कि कुछ उद्योगों में ताला भी लग सकता है।

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रायगढ़ जिले में पिछले सप्ताह भर से अधिक समय से पेट्रोल और डीजल की कमी देखी जा रही है। इस समस्या से आम इंसानों से लेकर किसानों और छोटे बडे उद्योगपतियों को भी जूझना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि रायगढ़ जिले के अलग-अलग इलाकों में स्थित छोटे उद्योगों में पर्याप्त मात्रा में डीजल नही मिल पाने के कारण अब यहां ताला लगने की स्थिति निर्मित हो चुकी है। जिसका असर अब जिंदल रोड़ में देखने को मिलने लगा, जहां इस मार्ग में भारी वाहनों की लंबी कतार देखने को मिल रहा है। डीजल नही मिलने की स्थिति में इस मार्ग में ट्रांसपार्टरों के भारी वाहनों खड़े होनें लगे हैं। ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल नहीं मिलने से कई दिनों से वाहन खड़े हैं, जिससे आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है। उधर, जिले की कई बड़ी कंपनियां फिलहाल पहले से रखे गए स्टॉक के भरोसे उत्पादन जारी रखे हुए हैं। लेकिन यदि जल्द डीजल आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़े उद्योगों का संचालन प्रभावित हो सकता है। उद्योगों में कोयला नहीं पहुंचने से उत्पादन क्षमता पर भी असर पड़ने लगा है।

ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल संकट के कारण माल परिवहन लगभग आधा रह गया है। बाहर से आने वाले वाहन भी रायगढ़ पहुंचने में परेशानी झेल रहे हैं। इसका असर न केवल उद्योगों पर बल्कि छोटे व्यापारियों और स्थानीय बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। जानकारों का मानना है कि यदि जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो जिले के औद्योगिक उत्पादन, रोजगार और राजस्व पर भी व्यापक असर पड़ सकता है। अब सभी की नजर प्रशासन और तेल कंपनियों पर टिकी हुई है कि आखिर डीजल संकट से राहत कब मिलेगी।


क्या कहते हैं उद्योगपति
इस संबंध में स्पंज आयरन एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संजय अग्रवाल का कहना है कि डीजल की कमी के कारण उनके उद्योग में आने वाले कोयले से भरे वाहन नही पहुंच पा रहे हैं इतना ही नही लगातार कोयला की कमी के कारण उद्योग में उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है वहीं जिले के सबसे बड़े ट्रांसपोर्टर एवं उद्योगपति अनुप बंसल भी बताते हैं कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय लगभग बंद सा हो गया है, इतना ही नही डीजल नही मिलने से वाहनों के चक्के थम गए हैं, इतना ही नही उद्योगों में कोयला सप्लाई भी समय पर नही होनें से उत्पादन ठप्प हो रहा है।


कलेक्टर रायगढ़ ने दी चेतावनी
कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि आम नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता देना प्रशासन की सर्वाेच्च जिम्मेदारी है। ऐसे में किसी भी स्थिति में रिटेल पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पेट्रोल-डीजल पंपों का औचक निरीक्षण करने तथा ईंधन की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। डीजल के मूल्य तथा बल्क कंज्यूमर के लिए निर्धारित मूल्य में अंतर होने के कारण कुछ कंज्यूमर पंप संचालकों द्वारा रिटेल आउटलेट्स से डीजल प्राप्त किया जा रहा था, जिससे यह स्थिति निर्मित हुई।


आम नागरिकों से अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि पेट्रोल एवं डीजल का आवश्यकतानुसार ही उपयोग करें तथा अनावश्यक भंडारण अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन द्वारा जिले में ईंधन की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बैठक में जिला खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं जिले के सभी कंज्यूमर पंप संचालक उपस्थित रहे।

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