Bilaspur में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) टास्क टीम और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में ट्रेनों में गहने चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। कार्रवाई के दौरान झारखंड के जामताड़ा जिले के रहने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 2 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी साड़ी बेचने की आड़ में भीड़भाड़ वाले जनरल और पैसेंजर कोचों में सफर करते थे और महिला यात्रियों को निशाना बनाकर उनके बैग से गहने और कीमती सामान चोरी कर लेते थे।
मामला उस समय सामने आया जब सीपत निवासी सोनाली पटेल ने शिकायत दर्ज कराई कि टिटलागढ़ पैसेंजर ट्रेन में यात्रा के दौरान उनके बैग से ज्वेलरी बॉक्स चोरी हो गया। चोरी गए गहनों की कीमत करीब 1 लाख 74 हजार रुपये बताई गई। घटना के बाद आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त जांच शुरू की।
जांच के दौरान रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 पर घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। महिला आरक्षकों की सहायता से महिला आरोपियों की तलाशी ली गई, जिसमें चोरी के गहने बरामद हुए।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने के रानीहार, मंगलसूत्र, चेन, बाली, अंगूठी समेत लाखों रुपये के जेवर और 21 हजार 500 रुपये नकद जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे संगठित गिरोह बनाकर अलग-अलग ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे और भीड़ का फायदा उठाकर महिला यात्रियों के बैग साफ कर देते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार पासवान, विरासत पासवान, मोनिका बेद, मनी देवी, मामूनी केवरा और सुजाता केवरा के रूप में हुई है। सभी आरोपी Jamtara जिले के हिलरोड क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
जीआरपी ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। रेलवे पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह देश के अन्य राज्यों में हुई ट्रेन चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहा है या नहीं।
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