रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के मोबाइल लूट मामले ने प्रदेश की राजनीति और पुलिस प्रशासन में हलचल बढ़ा दी है। राजधानी रायपुर में हुई इस वारदात की जांच अब हाई-प्रोफाइल स्तर पर पहुंच गई है। पुलिस कमिश्नरेट ने मामले के खुलासे के लिए बड़ी विशेष टीम गठित की है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर क्राइम ब्रांच के जवान तक शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच में 2 डीसीपी, 2 एडीसीपी, एक एसीपी और 3 थाना प्रभारियों सहित क्राइम ब्रांच के करीब 30 जवान लगातार जुटे हुए हैं। जांच की कमान डीसीपी सेंट्रल जोन और डीसीपी क्राइम संभाल रहे हैं।
घटना के बाद शहरभर में लगे 150 से अधिक आईटीएमएस कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है। जांच के दौरान पुलिस के हाथ दो महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज भी लगे हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने संदिग्धों की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया है। माना जा रहा है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस दोनों का सहारा लिया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि मामले में जल्द बड़ा खुलासा हो सकता है। हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इस घटना ने राजधानी में वीआईपी सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं राजनीतिक गलियारों में भी मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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