रायगढ़। गणेश विसर्जन की खुशियों के बीच छाल थाना क्षेत्र में एक परिवार पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब दो दिन से लापता 22 वर्षीय कॉलेज छात्र ओम राठिया का शव मांड नदी से बरामद हुआ। रविवार शाम गणेश विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौटे ओम के अचानक दोबारा घर से निकल जाने के बाद परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। मंगलवार सुबह बंगरसुता पुल के पास नदी में उसका शव मिलने की खबर ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार कुड़ेकेला निवासी ओम राठिया पिता बीरसिंह राठिया रविवार शाम दोस्तों और ग्रामीणों के साथ गणेश विसर्जन में शामिल हुआ था। विसर्जन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह अपने घर भी पहुंचा, लेकिन कुछ देर बाद बिना किसी को बताए फिर घर से निकल गया। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिवार और परिचितों ने आसपास के गांवों, रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
बताया जा रहा है कि घर से निकलने के बाद ओम करीब दो किलोमीटर दूर मांड नदी की ओर गया था। आशंका जताई जा रही है कि उसने नदी में छलांग लगा दी। हालांकि उसने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
दो दिन बाद नदी में दिखा शव
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे बंगरसुता पुल के पास ग्रामीणों की नजर मांड नदी में झाड़ियों और डगाल में फंसे एक शव पर पड़ी। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। जानकारी मिलने पर ओम के परिजन भी वहां पहुंचे और शव की पहचान ओम राठिया के रूप में की।
22 वर्षीय युवक की इस तरह हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया। जिस बेटे को परिवार गणेश विसर्जन के बाद सकुशल घर लौटता देख चुका था, उसी का शव दो दिन बाद नदी से मिलने की खबर ने सभी को झकझोर दिया।
एफएसएल टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही छाल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल और पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए जरूरी साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत मर्ग कायम कर शव का पंचनामा कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल भेज दिया गया।
फिलहाल युवक की मौत के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस परिजनों और उसके दोस्तों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।
