रायगढ़। जंगल में अपनी मां और झुंड के साथ रहने वाला करीब डेढ़ साल का नन्हा हाथी इन दिनों अकेला भटक रहा है। मां से बिछड़ने के बाद मासूम शावक अपने दल की तलाश में जंगल और राजस्व क्षेत्र में विचरण कर रहा है। उसे देखकर ग्रामीणों का भी दिल भर आया। अब वन विभाग और हाथी मित्र दल की टीम उसे सुरक्षित तरीके से उसके परिवार तक पहुंचाने की कोशिश में जुट गई है।
मामला धरमजयगढ़ वनमंडल के बोरो रेंज अंतर्गत चाल्हा गांव का है। जानकारी के अनुसार बुधवार शाम जंगल किनारे भैंसा चराने गए एक युवक की नजर अचानक एक नन्हे हाथी शावक पर पड़ी। वह अकेला था और गांव के करीब भटक रहा था। युवक ने तत्काल गांव के अन्य ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद वन विभाग को भी सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और शावक पर नजर रखते हुए उसे उसके दल से मिलाने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। फिलहाल दल से बिछड़ा यह नन्हा शावक राजस्व जंगल में विचरण कर रहा है।
बताया जा रहा है कि हाथियों का दल शावक से करीब 15 से 20 किलोमीटर दूर मैनपाट की ओर पहुंच चुका है। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती इस मासूम को उसकी मां और दल तक सुरक्षित पहुंचाना है। इतनी कम उम्र में झुंड से अलग हुआ शावक लंबे समय तक अकेला नहीं रह सकता, इसलिए वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
वन विभाग और हाथी मित्र दल की कोशिश है कि शावक को जल्द से जल्द उसके दल की मौजूदगी वाले क्षेत्र तक पहुंचाया जाए। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में सबसे जरूरी उसकी सुरक्षा है, क्योंकि जल्दबाजी में उठाया गया कोई भी कदम शावक के लिए खतरा बन सकता है।
जंगल में अकेला घूमता यह नन्हा हाथी फिलहाल अपनी मां से मिलने की आस में है। उसकी मासूम निगाहें शायद उसी परिवार को तलाश रही हैं, जिसके साथ वह अब तक जंगल की पगडंडियों पर चलता आया था। अब वन अमले की कोशिश यही है कि जंगल में बिछड़ा यह नन्हा फिर अपनी मां की ममता और अपने दल की छांव तक पहुंच सके।
