सारंगढ़ बिलाईगढ़/महासमुंद। छत्तीसगढ़ में खैर (कत्था) लकड़ी के अवैध परिवहन और कथित फर्जी NOC के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। महासमुंद पुलिस ने मामले में आरोपी मनीष अग्रवाल के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार, सरसीवां स्थित मकान पर दबिश देकर 81 लाख रुपये की नकदी बरामद की है।
पुलिस की तलाशी में 500-500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां मिली हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद पुलिस ने रकम के स्रोत और इस मामले से उसके संबंध की जांच शुरू कर दी है।
23,350 किलो खैर लकड़ी के अवैध परिवहन का मामला
मामला 23,350 किलो खैर (कत्था) लकड़ी के कथित अवैध परिवहन से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, इस परिवहन के लिए फर्जी NOC का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। मामले में महासमुंद जिले के पिथौरा थाने में BNS और भारतीय वन अधिनियम के तहत अपराध दर्ज है।
जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने आरोपी के ठिकाने की तलाशी के लिए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद 7 सितंबर को केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में मकान की तलाशी ली गई।
घर से निकला 81 लाख का कैश
तलाशी के दौरान पुलिस को 81 लाख रुपये की नकदी मिली। पुलिस ने इस रकम को प्रथम दृष्टया अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए इसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम आरोपी के पास कहां से आई और क्या इसका संबंध खैर लकड़ी के अवैध कारोबार या फर्जी NOC के नेटवर्क से है।
अब संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
बरामद 81 लाख रुपये की कुर्की के लिए पुलिस BNSS की धारा 107 के तहत न्यायालय में आवेदन पेश करने की तैयारी में है। जांच एजेंसियों की नजर अब इस पूरे नेटवर्क पर है—खैर लकड़ी कहां से लाई गई, किसके निर्देश पर उसका परिवहन किया गया, फर्जी NOC किसने तैयार की और 81 लाख रुपये के लेन-देन के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
अवैध वनोपज के नेटवर्क पर शिकंजा
महासमुंद पुलिस की यह कार्रवाई केवल अवैध लकड़ी परिवहन तक सीमित नहीं मानी जा रही है। फर्जी दस्तावेज, करोड़ों के वनोपज कारोबार और बड़ी नकदी की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस जांच का दायरा बढ़ा रही है।
23,350 किलो खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले में आरोपी के घर से 81 लाख रुपये की बरामदगी ने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। अब पुलिस की जांच का अगला फोकस कथित फर्जी NOC और नकदी के स्रोत के बीच संबंध तलाशने पर है।
