रायगढ़। ढिमरापुर रोड की जर्जर स्थिति, गड्ढों और कीचड़ के कारण आम लोगों को हो रही परेशानी तथा लगातार बढ़ रहे दुर्घटना के खतरे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आज ढिमरापुर रोड पर धरना-प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस ने कुछ दिन पूर्व कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपकर सड़क की तत्काल मरम्मत और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए तीन दिवस का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा सड़क की स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि ढिमरापुर रोड की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। इसी सड़क की खराब स्थिति के कारण एक महिला की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन का गंभीरता नहीं दिखाना दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस ने प्रशासन को तीन दिन का समय इसलिए दिया था कि जनता को तत्काल में राहत मिल सके, लेकिन प्रशासन ने इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलना लोगों की मजबूरी है, लेकिन उस मजबूरी को जान का जोखिम बना देना प्रशासन की लापरवाही है।
जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने संबोधित करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन विकास के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन शहर की प्रमुख सड़कों की वास्तविक स्थिति उन दावों की पोल खोल रही है। ढिमरापुर रोड पर रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। सड़क के गड्ढे और कीचड़ दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। कांग्रेस आम जनता की सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर चुप बैठने वाली नहीं है।
वहीं अनिल शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि करोड़ों रुपये की नई सड़क बनने की बात कही जा रही है, लेकिन जब तक नई सड़क बनकर तैयार नहीं होती, तब तक वर्तमान सड़क को सुरक्षित रखना प्रशासन का दायित्व है। कुछ लाख रुपये खर्च कर गड्ढों की मरम्मत और पानी-कीचड़ की निकासी की व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह धरना किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं है किया गया है यह आम राहगीरों की जान की सुरक्षा और सुविधापूर्ण आवागमन के लिए है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के अन्य पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने भी संबोधित करते हुए सड़क की बदहाली, यातायात अव्यवस्था और प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि जब ज्ञापन के माध्यम से तीन दिन के अल्टीमेटम के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, तब कांग्रेस को सड़क पर उतरकर जनहित के लिए धरना-प्रदर्शन के माध्यम से जनता की आवाज बुलंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि ढिमरापुर रोड के गड्ढों की तत्काल मरम्मत, कीचड़ एवं जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तथा यातायात संचालन के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि इसके बाद भी प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो कांग्रेस इस जनहित के मुद्दे को लेकर आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होगी।
उक्त धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में मुख्य रुप से जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष शाखा यादव,ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी,पूर्व अध्यक्ष अनिल शुक्ला पूर्व विधायक प्रकाश नायक, वरिष्ठ कांग्रेसी संतोष राय,हरेराम तिवारी,अरुण गुप्ता,दीपक पांडेय,नेताप्रतिपक्ष शेख सलीम नियारिया,पूर्व सभापति जयंत ठेठवार,संतोष बहिदार,उपेंद्र सिंह, नरेश जायसवाल,रामचंद्र शर्मा,संदीप अग्रवाल,विकास ठेठवार,वसीम खान,मदन महंत,रमेश कुमार भगत,अनुराग गुप्ता,बरखा ठाकुर,संजुक्ता सिंह,यशोदा कश्यप,रंजना पटेल,रिंकी पांडेय,श्याम प्यारी,लता खूंटे,मुरारी भट्ट,साहनी यादव,नारायण घोरे,आशीष चौबे,रत्थू जायसवाल,अज्ञात मल्होत्रा,विजय टंडन,दीपक भट्ट,नरेंद्र भट्ट,अजय भट्ट,शुक्लाम्बर भट्ट,अनिल अग्रवाल,अजय कुमार भारद्वाज,अभिषेक राम,रेखा देवी,मंगली एक्का,मंजू भगत,विकास शर्मा,दीपक मंडल,मकरध्वज चौहान,रतन कन्हेर,वासुदेव प्रधान,मोहम्मद अनवर हुसैन,मोहम्मद नाजिर खान,सुरेंद्र यादव,आलोक स्वर्णकार,कौशिक भौमिक,विमल यादव,प्रदीप चौहान,देवेन्द्र कुमार सिदार,राजेन्द्र धिरही,ज्योति बबलू बरेठ,जहर साय चौहान,रिंकी मनहर,शुकरा सुमिता बघेल,माला बाई,उमा बघेल,दुखनी,नीरु,नीनीबाई,
पिंकी दुबे,पांचो,विजय कुमार चौहान,सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
