रायगढ़। रविवार की सुबह महानदी में आई बाढ़ का असर आज दूसरे दिन भी देखने को मिल रहा है। सरिया ब्लॉक के एक दर्जन से फिर एक गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो चुके है। जहां लोगों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। संभवतः देर रात तक पानी कम होने के बाद इस क्षेत्र के लोगों को थोड़ी बहुत राहत मिल सकती है।
धमतरी जिले के गंगरेल बांध के 14 गेट खोले जाने के बाद से महानदी का जल स्तर बढ़ चुका है और नदी किनारे के गांवों में बाढ़ आ चुकी है, आलम यह है कि लोगों के घरों तक की पानी पहुंच चुका है और खेत खलिहान पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सरिया ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम तोरा, पोरथ, कोर्रा, रानीडीह, सूरजगढ़ सुरसी, बोरदा, ठेंगागुड़ी, भठली के अलावा आसपास के अन्य गांव कल दोपहर से पूरी तरह टापू में तब्दील हो चुके हैं। बच्चे, बूढ़े, युवाओं के अलावा महिलाएं अपने - अपने घरों में फंसे हुए हैं। कल दोपहर से बाढ़ प्रभावित किसी भी घर का चुल्हा नहीं जलने के कारण भूखे प्यासे ही लोग राहत का इंतजार कर रहे हैं। महानदी में आई बाढ़ की वजह से गांवों की जिन गलियों में बच्चे खेलते नजर आते थे, उन गलियों में कमर तक पानी भर जाने से उसने नाव चल रही है। गांव के बच्चे अब उस नाव में भी मस्ती करते नजर आ रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों का कहना है कि महानदी में अचानक आई बाढ़ से उन्हें अच्छा खासा नुकसान हुआ है, खेतों में लहलहाती उनकी 4 से 5 सौ एकड़ में लगी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब चुका है। घर के आसपास लगाई गई सब्जी की फसल बर्बाद हो चुकी है। पशु आहार पानी भी पानी में बह गया है। कल दोपहर से गांव में लाइट नहीं होने से प्रभावित लोगों को कई तरह की समस्या से जूझना पड़ रहा है, हालात यहां तक पहुंच चुका है कि यहां पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो चुकी है।
गांव के लोगों ने यह भी बताया कि आज सुबह से बाढ़ का पानी उतरना शुरू हुआ है, संभवतः देर रात तक जलस्तर कम हो सकता है, लेकिन बाढ़ का पानी अपने साथ कई तरह की समस्या लेकर उनके गांव तक पहुंची है, उनका सुधार नहीं करने पर कई तरह की और समस्याओं से उन्हें जूझना पड़ सकता है।
