रायगढ़ । नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए इस बार रायगढ़ नगर निगम सहित जिले की एक नगर पालिका व पांच नगर पंचायतों में जीत का परचम लहराने के लिये मैदान में आ गई है। पूरी एकजुटता के साथ भाजपा के महापौर प्रत्याशी सहित रायगढ़ नगर निगम के सभी 48 वार्डो के प्रत्याशियों ने एक साथ नामांकन पत्र दाखिल करते हुए एकजुटता का परिचय दिया। प्रदेश के वित्त मंत्री व रायगढ़ विधायक तथा जिले के नगरीय निकाय चुनाव प्रभारी ओपी चौधरी के नेतृत्व में निकाली गई रैली देखते ही बन रही थी। नामांकन दाखिल करने के बाद ओपी चौधरी ने मात्र साल भर के भीतर किये गए विकास कार्यो की जानकारी देने के साथ-साथ कांगे्रस की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जमकर घेरा और कहा कि कांगे्रस केवल झूठ के जरिये अफवाह फैलाने की राजनीति करती है।
महापौर प्रत्याशी सहित सभी 48 वार्ड प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दाखिल करवाने के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान प्रदेश के वित्त मंत्री व रायगढ़ जिले के नगरीय निकाय चुनाव प्रभारी तथा रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने रायगढ़ में 29 सालों तक पार्टी की सेवा कर रहे एक चाय वाले को महापौर प्रत्याशी बनाया है। यह इस बात का प्रमाण है कि भाजपा में किसी प्रकार का प्रभाव नही होता यहां जो सच्चा प्रतिबद्ध और ईमानदार कार्यकर्ता का सम्मान के साथ-साथ एक उदाहरण है जीवर्धन चौहान को महापौर का प्रत्याशी बनाया जाना और यह पूरे रायगढ़वासियों के लिये गर्व का विषय है।
ओपी चौधरी ने कहा कि अगर जीवर्धन को 29 सालों से राजनीति कर रहे हैं इस दौरान अगर उन्हें पद का दुरूपयोग करना होता तो कुछ भी करके आर्थिक रूप से बड़ा व्यक्ति बन सकते थे। लेकिन उन्होंने ईमानदार के साथ जीवन जीते हुए पार्टी के लिये काम किया। ओपी चौधरी ने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश में भाजपा को उनकी योजनाओं को एक साल में जिस तरह से किसानों, माताओं, प्रधानमंत्री आवास जैसे अनेक काम हुए हैं, शहरों में जिस तरह से विकास हुआ है। जिससे पूरे प्रदेश में भाजपा के लिये एक लहर है और जनता इस बार भाजपा के प्रत्याशियों को अपना आशीर्वाद देगी।
रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में एक साथ 70 से अधिक सड़कों का काम चल रहा है, 35 करोड़ की लागत से नालंद परिसर का निर्माण प्रारंभ हो गया, शहर के मध्य आक्सीजोन का निर्माण हो रहा है, शहर की सबसे बड़ी सब्जी मंडी पर 5 करोड़ का विकास कार्य प्रारंभ हो गया, इसके अलावा अनेकों काम की शुरूआत हो चुकी है। यह तो अभी महज 10 प्रतिशत काम है अभी तो 90 प्रतिशत और काम आने वाले 4 साल में होना बाकी है।
ओबीसी आरक्षण को लेकर कांगे्रस के द्वारा लगातार आवाज उठाने की बात को लेकर ओपी चौधरी ने कहा कि कांगे्रस ओबीसी विरोधी रही है। 1953 में कालेलकर आयोग का गठन हुआ, उसके बाद कांगे्रस ने दशकों तक राज किया। 1977 में जब आपातकाल के बाद कांगे्रस की सरकार बदली उसके बाद मंडल आयोग का गठन गैर कांगे्रसी सरकार जनता पार्टी ने किया था। उसके बाद 1980 से 1989 तक फिर से कांगे्रस की सरकार रही तब भी वह फाईल धूल खाती रही। ओबीसी आरक्षण इस देश को देने का किसी ने काम किया है तो गैर कांगे्रस शासित सरकार ने दिया है। मोदी जी की केबिनेट में ऐतिहासिक रूप से पिछड़े वर्ग के मंत्रियों को स्थान मिला। नीट जैसी परीक्षाओं में 27 प्रतिशत ओबीसी को आरक्षण दिया गया। ओबीसी वर्ग को आगे बढ़ाने का जिसने काम किया है वह भारतीय जनता पार्टी ने किया है। कांगे्रस हर जगह झुठ के सहारे अफवाह फैलाने की राजनीति करती है।