रायगढ़। रायगढ़ जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। जिस नन्हे हाथी शावक को वन विभाग और हाथी मित्र दल की टीम ने रातभर मशक्कत कर उसकी मां और 40 हाथियों के दल से मिलाया था, सुबह उसी शावक का शव मिलने की जानकारी सामने आई है। शावक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार रात छाल रेंज के रीलों गांव के एक खेत में 40 हाथियों का दल पहुंचा था। इसी दौरान एक नन्हा हाथी शावक दल से बिछड़कर खेत में कीचड़ के बीच फंस गया। इसकी जानकारी मिलने के बाद वन विभाग और हाथी मित्र दल की टीम सक्रिय हुई। काकाजी को मिली जानकारी के मुताबिक शावक को सुरक्षित बाहर निकालने और उसे उसकी मां से मिलाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस दौरान टीम ने शावक को भोजन-पानी उपलब्ध कराया और लगातार उसकी निगरानी करते हुए उसे हाथियों के दल तक पहुंचाने का प्रयास किया।
गांव के लोगों ने काकाजी को बताया कि काफी मशक्कत के बाद आखिरकार शावक को उसके दल से मिला दिया गया। बताया जाता है कि शावक के मिलने के बाद हाथियों के दल की चिंघाड़ से पूरा जंगल गूंज उठा था। इसके बाद हाथियों का दल शावक को अपने साथ लेकर आगे बढ़ गया। इस सफल प्रयास के बाद उम्मीद जगी थी कि नन्हा शावक अपनी मां और परिवार के साथ सुरक्षित रहेगा।
लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। मंगलवार सुबह सारसमार गांव के तीहीली खार नमक खेत में हाथी शावक का शव मिला है। शावक को बचाने और उसके परिवार से मिलाने के लिए वन विभाग की टीम ने रातभर प्रयास किया था, उसकी मौत की खबर से पूरे मामले ने दुखद मोड़ ले लिया है।
फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है। शावक की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। अब सभी की निगाहें वन विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

