रायगढ़। रायगढ़ जिले में एक बार फिर से हाथी शावक अपने दल से बिगड़ गया है। बीती रात से वन विभाग और हाथी मित्र दल की टीम शावक को उसके दल से मिलाने रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई है। मामला धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज का है।
मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की मौजूदगी के बीच एक नन्हा हाथी शावक अपने ही दल से बिछड़ गया है। मामला छाल रेंज के रिलो गांव का है, जहां बीती रात फसल की रखवाली कर रहे ग्रामीणों ने खेत में हाथियों के एक बड़े दल को देखा। काकाजीन्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक बीती रात करीब 40 हाथियों का दल खेत में पहुंचा था। इसी दौरान एक नन्हा शावक अपने साथियों से अलग होकर खेत में ही छूट गया।
शावक को अकेला देखकर ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल के सदस्य मौके पर पहुंचे। काकाजीन्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक शावक को सुरक्षित उसके दल से मिलाने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया। टीम बीती रात से ही इस प्रयास में जुटी हुई है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथी शावक के अपने दल से बिछड़ने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बोरो रेंज के चाल्हा गांव में भी करीब दो साल का एक हाथी शावक अपने दल से अलग हो गया था। उस समय वन विभाग ने शावक को वापस उसके दल से मिलाने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन दल ने उसे स्वीकार नहीं किया। आखिरकार शावक को सरगुजा जिले के रमकोला स्थित हाथी रेस्क्यू सेंटर भेजना पड़ा था।
शावक को दल से मिलाना वन विभाग के लिए चुनौती
रिलो गांव में मिले नन्हे शावक को उसके दल से मिलाने के लिए वन विभाग और हाथी मित्र दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऐसे मामलों में शावक की सुरक्षा के साथ-साथ हाथियों के दल की गतिविधियों पर नजर रखना भी जरूरी होता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि वन विभाग की टीम शावक को उसके परिवार से दोबारा मिलाने में सफल हो पाती है या नहीं।

