लामीदरहा पंचायत में 10 लाख के भुगतान को लेकर विवाद, पूर्व सरपंच ने बताया राजनीतिक षड्यंत्र

रायगढ़:- लैलूंगा विधानसभा के ग्राम पंचायत लामीदरहा में 10 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

इस मामले में जांच के घेरे में आईं पूर्व सरपंच सोनिया खड़िया, जो वर्तमान में भाजपा मंडल सांबलपुरी की अध्यक्ष हैं, ने पूरे मामले को निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है।

पूर्व सरपंच के करीबी सूत्रों के अनुसार, मामला उनके कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों के भुगतान से जुड़ा है। आरोप है कि उनके कार्यकाल में हुए कार्यों की लगभग 10 लाख रुपये की राशि वर्तमान सरपंच, जो कांग्रेस समर्थित बताई जा रही हैं, द्वारा रोक दी गई है।

पूर्व सरपंच सोनिया खड़िया द्वारा इस राशि की मांग बार-बार किए जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत रायगढ़ कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ और मुख्यमंत्री तक से की है।

शिकायत से खीज कर वर्तमान सरपंच के पुत्र, जो एक कांग्रेसी नेता हैं, ने पूर्व सरपंच को बदनाम करने की नीयत से कूटनीतिक तरीके से उनके खिलाफ 10 लाख की अनियमितता की झूठी और निराधार शिकायत कर दी, जिसके आधार पर अब जांच की जा रही है।

भाजपा समर्थकों का कहना है कि एक महिला जनप्रतिनिधि द्वारा ईमानदारी से कराए गए विकास कार्यों का भुगतान रोकना और फिर उल्टा उसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाना कांग्रेस की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। जांच में सच्चाई सामने आने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
पूर्व सरपंच सोनिया खड़िया ने कहा कि उनके द्वारा कराए कार्यो की वजह से वह बहुत खरजे में है जिसका तकादा निरन्तर आ रहा है,यदि जल्द ही उन्हें भुगतान नही मिला तो वो पूरे परिवार सहित आत्मदाह के लिए विवश होगी।उनके द्वारा यह भी आरोप लगाया गया कि उनके सारे कार्यो का मूल्यांकन होकर राशि पंचायत के खाते में आ चुकी है जिसका आहरण कर सरपंच पुत्र रवि यादव जो खुद को कांग्रेस का नेता कहता है अपनी अय्यासी में खर्च कर रहा है।

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