झीरम घाटी मामले में NIA की विशेष अदालत का बड़ा फैसला, सभी 10 आरोपी दोषी करार,27 लोगों की हत्या और 15 लोगों की हत्या के प्रयास में दोषसिद्ध, 16 सितंबर को सुनाई जाएगी सजा

रायपुर। बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में NIA की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में आरोपी बनाए गए सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपियों को 27 लोगों की हत्या और 15 लोगों की हत्या के प्रयास के मामले में दोषसिद्ध माना है।
अदालत ने आरोपियों के खिलाफ लगाए गए विभिन्न धाराओं के तहत उन्हें दोषी पाया है। यह मामला हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, डकैती, अवैध हथियार, विस्फोटक पदार्थ और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) जैसी गंभीर धाराओं से जुड़ा हुआ है।
सभी धाराओं में दोषसिद्ध
विशेष न्यायालय ने सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर सभी 10 आरोपियों को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में दोषी माना। मामले में IPC की धारा 147, 148, 149, 341, 121, 121A, 122, 302, 307, 396, 397, 427 और 120-B सहित आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और UAPA की विभिन्न धाराएं शामिल हैं।
इनमें IPC की धारा 302 हत्या, धारा 307 हत्या के प्रयास, धारा 121 भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने, धारा 120-B आपराधिक साजिश से संबंधित है। वहीं UAPA की धारा 16 आतंकवादी कृत्य और धारा 18 आतंकवादी कृत्य की साजिश से संबंधित है। मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।
16 सितंबर को तय होगी सजा
अदालत ने दोषसिद्धि के बाद सजा के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार अभियोजन पक्ष को दोषियों को दंडित किए जाने के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
अब इस मामले में 16 सितंबर 2026 को सजा सुनाई जाएगी। उस दिन अदालत यह तय करेगी कि दोषी पाए गए सभी 10 आरोपियों को किन धाराओं के तहत कितनी सजा दी जानी है।
झीरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े और चर्चित नक्सली हमलों में से एक रहा है। इस मामले में अदालत के फैसले के बाद अब सबकी नजर 16 सितंबर को होने वाली सजा की सुनवाई पर टिकी है।

  • Top Search